Delhi Protest News: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान निशू आजाद के पिता के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और मामले में गंभीर धाराएं जोड़ने की है।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी
मिली जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर पहुंचे और पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान संविधान की प्रतियां हाथों में लेकर नारेबाजी भी की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निशू के पिता के साथ हुई घटना को केवल सामान्य मारपीट के मामले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह मामला 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। बताया गया कि निशू आजाद अपने पिता के साथ प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। इसी दौरान उनके पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई, जिसमें उनके सिर पर चोट लगी और खून निकलने की बात सामने आई।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का दावा है कि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया और एफआईआर में अपेक्षाकृत हल्की धाराएं लगाई गईं।
दूसरी ओर, वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से घटना को आत्मरक्षा से जोड़कर पेश किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। इसलिए पूरे मामले में वास्तविक घटनाक्रम और कानूनी स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
307 समेत गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच के दौरान अगर साक्ष्यों से गंभीर अपराध बनता है तो भारतीय कानून के अनुसार उपयुक्त धाराएं जोड़ी जाएं। प्रदर्शन में भारतीय न्याय संहिता के तहत लागू प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों की ओर से एससी/एसटी कानून के तहत प्रावधान लागू किए जाने की मांग का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी भी अतिरिक्त धारा का लागू होना जांच और कानूनी तथ्यों पर निर्भर करेगा।
चंद्रशेखर भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे
मामले ने उस समय और अधिक ध्यान खींचा जब आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। वीडियो में उन्हें निशू और उनके पिता के साथ देखा गया।
चंद्रशेखर की मौजूदगी के बाद प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर आरोपी की गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक आवाज उठाई जाती रहेगी।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि वे दिल्ली पुलिस से स्पष्ट जवाब चाहते हैं कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शुरुआती कार्रवाई पर्याप्त नहीं थी और इसी वजह से वे दोबारा थाने के बाहर पहुंचे हैं।
हालांकि, पुलिस की ओर से मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए गए हैं, इसकी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बढ़ाई गई
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के आसपास प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती दिखाई दी। वीडियो के अनुसार, पुलिस द्वारा प्रदर्शन की वीडियोग्राफी भी की जा रही थी। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग किए जाने की भी बात सामने आई।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत के दौरान मामले में एफआईआर तथा आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई।
मामला अब किस दिशा में जाएगा?
निशू के पिता से कथित मारपीट का यह मामला अब केवल एक स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोग भी सामने आए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि जांच में गंभीर अपराध के पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो उसी के अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब सभी की नजर दिल्ली पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर में कोई अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जाती हैं या नहीं और आरोपी के खिलाफ आगे क्या कानूनी कदम उठाया जाता है।
नोट: इस रिपोर्ट में घटना से जुड़े दावे उपलब्ध वीडियो ट्रांसक्रिप्ट में कही गई बातों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।

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