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बिजनौर में दंपती की मौत से उलझी गुत्थी, गंगा किनारे मिला पत्नी का शव; पेड़ से लटका मिला पति

 

बिजनौर में दंपती की मौत से उलझी गुत्थी, गंगा किनारे मिला पत्नी का शव; पेड़ से लटका मिला पति

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पति-पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में जुटी है। जलालपुर काजी गांव के रहने वाले छोटू और उनकी पत्नी सुषमा 14 सितंबर को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। अगले दिन सुषमा का शव गंगा नदी के पास मिला, जबकि छोटू का शव जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया।

दोनों शव अलग-अलग स्थानों से मिलने के बाद मामले की परिस्थितियां और गंभीर हो गईं। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ दोनों घटनास्थलों का निरीक्षण किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती तौर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, दोनों की मौत की वजह एक जैसी नहीं बताई गई है।

14 सितंबर को घर से निकले थे दोनों

पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को छोटू और सुषमा के लापता होने की सूचना थाने में दी गई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से उनकी तलाश शुरू की। रात में बारिश और अंधेरा बढ़ने के कारण तलाशी अभियान रोकना पड़ा।

15 सितंबर की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि गंगा नदी के पास एक महिला का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान सुषमा के रूप में की। इसके बाद छोटू की तलाश जारी रखी गई। कुछ समय बाद उसका शव जंगल में एक पेड़ से लटका मिला।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों मौतों की वजह अलग

मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, छोटू की मौत हैंगिंग यानी फांसी पर लटकने से हुई बताई गई है। वहीं सुषमा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण गला दबना बताया गया है।

दोनों की मौत के अलग-अलग मेडिकल कारण सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटनाओं का आपस में क्या संबंध था और 14 सितंबर को घर से निकलने के बाद दोनों के साथ वास्तव में क्या हुआ।

कपड़ों को लेकर भी उठे सवाल

इस मामले में एक और बात जांच का हिस्सा बनी हुई है। परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया है कि छोटू का शव कथित तौर पर सुषमा की सलवार पहने हुए मिला था। परिवार की ओर से सुषमा के साथ गलत काम किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

हालांकि, इन आरोपों को फिलहाल जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। यह भी जांच का विषय है कि कपड़े छोटू के शरीर पर कैसे पहुंचे और इसका घटना से कोई संबंध था या नहीं।

परिवार की ओर से बताया गया कि उन्हें घटना की जानकारी तब हुई जब एक परिजन तलाश करने के लिए जंगल की ओर गया। वहां कथित तौर पर चप्पल और खून के निशान दिखाई देने की बात कही गई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों शवों का नियमानुसार पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने भी जांच की। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए थाना पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया है।

अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की ओर से दी जाने वाली तहरीर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि दंपती आखिरी बार कहां थे, उनके संपर्क में कौन लोग थे और दोनों की मौत के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

फिलहाल सुषमा की मौत को लेकर सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और छोटू की मौत की परिस्थितियां इस मामले के दो अहम पहलू हैं। दोनों शव अलग-अलग जगहों पर मिलने तथा कपड़ों को लेकर सामने आए दावों ने जांच के कई बिंदु खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 14 सितंबर की रात दंपती के साथ क्या हुआ और दोनों मौतों के बीच कोई आपसी संबंध था या नहीं।

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