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मुंबई में ऑटो-टैक्सी मीटर से छेड़छाड़ का खुलासा, पांच आरोपी हिरासत में

 

मुंबई में ऑटो-टैक्सी मीटर से छेड़छाड़ का खुलासा, पांच आरोपी हिरासत में

मुंबई: मुंबई में ऑटो और टैक्सी से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अहम खबर सामने आई है। दहिसर इलाके में पुलिस ने कथित तौर पर ऑटो-टैक्सी के किराया मीटर में तकनीकी छेड़छाड़ कर यात्रियों से अधिक किराया वसूलने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा वाहनों के किराया मीटर के अंदर विशेष इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और तकनीकी उपकरण लगाए गए थे। इन उपकरणों की मदद से मीटर की रीडिंग में बदलाव कर किराया सामान्य से अधिक दिखाया जाता था। इसके बाद यात्रियों से तय किराए से ज्यादा रकम वसूले जाने का आरोप है।

पांच आरोपी हिरासत में

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जोयब देशमुख, अमीन पठान, रियाज शेख, नाज़िर पटेल और आनंद कुमार राय को हिरासत में लिया है। पुलिस ने इनके पास से मीटर में कथित तौर पर छेड़छाड़ के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तकनीकी उपकरण भी बरामद किए हैं।

जांच के दौरान पुलिस ने तीन ऑटो रिक्शा और दो टैक्सी समेत कुल पांच वाहन जब्त किए हैं। बरामद उपकरणों और मीटर की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनसे कितने वाहनों में बदलाव किया गया था।

कैसे होती थी मीटर में कथित छेड़छाड़?

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, मीटर के अंदर एलईडी रनिंग किट जैसी दिखाई देने वाली तकनीकी डिवाइस और सर्किट लगाए गए थे। आरोप है कि इन उपकरणों के जरिए मीटर के काम करने के तरीके में बदलाव किया जाता था, जिससे यात्रा पूरी होने पर मीटर अपेक्षाकृत अधिक किराया दिखा सकता था।

इस तरह की कथित धोखाधड़ी का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ता था। पुलिस अब जब्त किए गए मीटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है।

नेटवर्क कितना बड़ा, पुलिस की जांच जारी

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में केवल पांच आरोपी ही शामिल थे या इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितने ऑटो और टैक्सी के मीटर में इस तरह की कथित छेड़छाड़ की गई और कितने यात्रियों से अतिरिक्त रकम वसूली गई।

इस मामले में दहिसर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और MMVR की धारा 145-A के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की आगे की जांच में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।

मुंबई जैसे बड़े शहर में रोजाना लाखों लोग ऑटो और टैक्सी पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में किराया मीटर की विश्वसनीयता यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच इस बात पर टिकी है कि मीटर से छेड़छाड़ का यह खेल कितने समय से चल रहा था और इसके पीछे कितने लोग जुड़े हुए हैं।

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