प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि यदि बहुत जरूरी न हो तो सोने की खरीदारी से बचना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह संदेश ऐसे समय में दिया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव का माहौल बना हुआ है। उन्होंने लोगों से स्वदेशी को बढ़ावा देने और देश की आर्थिक मजबूती में योगदान देने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो कई अनुमानों से बेहतर मानी जा रही है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में सोने का आयात करता है और अनावश्यक खरीदारी कम होने से विदेशी मुद्रा पर दबाव घट सकता है। उनका मानना है कि इससे देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और आयात बिल को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इससे पहले भी सरकार विदेशी मुद्रा बचाने और गैर-जरूरी खर्च कम करने की अपील कर चुकी है।
प्रधानमंत्री की इस अपील का असर बाजार में भी देखने को मिला। ज्वेलरी सेक्टर से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों का मानना है कि यदि सोने की मांग में कमी आती है तो इसका असर ज्वेलरी कारोबार पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है। ऐसे में सोने के आयात में कमी आने से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि निवेश और पारंपरिक जरूरतों के कारण सोने की मांग पूरी तरह समाप्त होने की संभावना नहीं है।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह अपील आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और देश की वित्तीय मजबूती को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है। आने वाले दिनों में इसका असर सोना बाजार और निवेशकों की रणनीतियों पर भी देखने को मिल सकता है।

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