प्रयागराज से भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष और कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल से जुड़ा साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, उनके बैंक खाते से कई अलग-अलग लेनदेन के जरिए करीब 1.55 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी हुई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद धूमनगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, पूजा पाल का बैंक खाता प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में है। शिकायत में बताया गया है कि 22 अगस्त से 13 सितंबर 2026 के बीच खाते से कई बार रकम निकाली गई। इन लेनदेन में PhonePe और UPI का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। कुल मिलाकर निकाली गई रकम करीब 1 लाख 55 हजार रुपये बताई जा रही है।
इस मामले की खास बात यह है कि रकम एक ही बार में नहीं निकाली गई, बल्कि अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से बाहर गई। पूजा पाल को इसकी जानकारी 14 सितंबर को बैंक खाते का स्टेटमेंट देखने के बाद हुई। इसके बाद उन्होंने अनधिकृत लेनदेन की जानकारी पुलिस को दी।
शिकायत में मोबाइल फोन के साथ अनधिकृत छेड़छाड़ या पहुंच बनाए जाने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, अभी यह जांच का विषय है कि खाते से रकम वास्तव में किस तरीके से निकाली गई और इसके पीछे कौन व्यक्ति या लोग शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने किसी आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
मामले में धूमनगंज पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर जांच में बैंक खाते से जुड़े लेनदेन, UPI ट्रांजैक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, जांच में साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है।
राजनीति में भी चर्चा में रही हैं पूजा पाल
पूजा पाल सिर्फ मौजूदा साइबर फ्रॉड मामले की वजह से ही चर्चा में नहीं हैं। उनका राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। वह पहले बहुजन समाज पार्टी में रहीं, इसके बाद समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं और वर्ष 2022 में कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं। बाद में उनका राजनीतिक रुख बदला और 2026 में उन्हें भाजपा की उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
पूजा पाल का नाम प्रयागराज के चर्चित राजू पाल हत्याकांड से भी लंबे समय से जुड़ा रहा है। उनके पति और तत्कालीन विधायक राजू पाल की हत्या के बाद उन्होंने कानूनी और राजनीतिक स्तर पर लंबी लड़ाई लड़ी। इस पृष्ठभूमि ने भी उनके सार्वजनिक जीवन को अलग पहचान दी।
फिलहाल ताजा मामला साइबर अपराध से जुड़ा है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाते से रकम किस माध्यम से निकाली गई, मोबाइल या डिजिटल खाते तक किसी तरह की अनधिकृत पहुंच हुई थी या नहीं और इस घटना के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं। अभी तक सामने आई जानकारी के आधार पर इन सवालों का अंतिम जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

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